आज के इस ब्लॉगर इंटरव्यू में जिन ब्लोगर से मैं आपको मिलाने जा रहा हूँ वह मेरे मित्र भी हैं और कभी सहकर्मी थे| जब इन्होंने सी-डैक ज्वाइन किया तब मेरा इनसे मिलना हुआ और तभी से मैं इनकी कविताओं का मुरीद हूँ, यह कमाल की कविता करते हैं ना सिर्फ मैं बल्कि बाकी स्टाफ भी इनकी कविताओं का मुरीद है| दोस्तों आप भी कम से कम एक बार इनकी रचनाओं पर गौर करें और हैसलाअफजाई प्रदान करें जिससे इनकी यह यात्रा जारी रहे, पेश हैं शिवनाथ जी से बातचीत के कुछ अंश-

LBW: अपने बारे में कुछ बताएं।

शिवनाथ जी: क्या बताऊँ, कुछ ख़ास नहीं है| सबसे पहले माँ और पिताजी को प्रणाम करना चाहूँगा|

मुजफ्फरपुर, बिहार का रहने वाला एक आम इंसान हूँ और रोजी रोटी के लिए अभी मैंने मुंबई में डेरा डाल रखा है| सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के क्षेत्र में कार्यरत हूँ, परंतु साहित्यिक अभिरुचि बचपन से ही रही है|

बचपन से ही छोटी-मोटी कवितायेँ लिखने का शौक रहा है| बहुत अच्छी तो नहीं लिखता परंतु कोशिश रहती है हमेशा कुछ ना कुछ अच्छा लिखने की| कवितायेँ, कहानियाँ पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है|

जिंदगी के एक बहुत बुरे दौर से गुजर चूका हूँ, जिसने मुझे जिंदगी के कई सच दिखाए| अभी तक बहुत कुछ सीखने और देखने को मिला है, लेकिन हर वक्त मुस्कुराता हूँ और कोशिश करता हूँ कि दूसरे भी थोड़ा मुस्कुरा लें| दूसरों की जिंदगी में थोड़ी मुस्कराहट घोल सकूँ तो समझूँगा कि दुनिया में आना सार्थक रहा| कहते हैं ना अपने लिए, जीये तो क्या जीये ……|

LBW: ब्लॉग बनाने का ख्याल कैसे आया?

शिवनाथ जी: बस ऐसे ही कुछ साथियों ने प्रेरित किया और लिखना शुरू कर दिया|

LBW: आपके कितने ब्लॉग हैं सभी के बारे में हमारे पाठकों को बताइए|

शिवनाथ जी: कहने को दो ब्लॉग हैं लेकिन दोनों जगहों पर कंटेंट्स एक ही हैं| मेरे दोनों ब्लॉगस का यू आर एल है:

http://kumarshivnath.blogspot.in/

http://shivnathkumar.jagranjunction.com/

LBW: आप किन-किन बिषयों पर ब्लॉग लिखते हैं?

शिवनाथ जी: बिषय क्या बताऊँ, बस जब जो दिल में आता है लिख डालता हूँ| वैसे मेरी कोशिश रहती है कि अपने लेखनी के माध्यम से अपने मन की बात लोगों तक पहुँचाऊँ| ना केवल अपनी बल्कि दूसरों के दर्द और ख़ुशी को भी महसूस करते हुए उसे कविताओं, कहानियों के माध्यम से आप सभी तक रखने की कोशिश होती है मेरी ….

LBW: क्या लेख लिखते समय आप कभी अटके हैं?

शिवनाथ जी: फिर आपने क्या किया? सच सच बताऊँ, तो हाँ कभी कभी अटकता हूँ| खासतौर पर कविताएँ लिखते वक्त कुछ शब्दों की तालाश में, कविता थोड़ी सुन्दर हो इसके लिए| और थोड़ा क्या लिख दूँ कि लेख थोड़ी और प्रभावी हो जाए बस इसलिए ….

LBW: क्या आप अपने ब्लॉग को मार्केट करते हैं? यदि हाँ तो उसके लिए आप किस तरीके का प्रयोग करते हैं?

शिवनाथ जी: नहीं और मुझे पता भी नहीं कि ब्लॉग को मार्केट कैसे करते हैं, और सच पूछिए तो मैं करना भी नहीं चाहूँगा|

LBW: एक ब्लोगर का अपने पाठकों से संवाद करना कितना जरूरी है? क्या आप अपने पाठकों के सभी कमेन्ट पर कमेन्ट करते हैं?

शिवनाथ जी: मेरे ख्याल से बेहद जरुरी है| पाठकगण ही हैं जो आपके उत्साह को बढाते हैं और साथ ही आपकी खामियों को भी बताते हैं| ब्लॉगस पर पाठकगण और ब्लॉगर्स में एक ऐसा रिश्ता बनता है जो पारिवारिक तो नहीं होता लेकिन काफी अहम होता है और रिश्तों में संवाद बहुत जरुरी है| हाँ, आपका जो दूसरा प्रश्न है उसका जवाब यह है कि अभी तो मेरे ब्लॉग पे कुछेक कमेंट्स ही आते हैं और मेरी कोशिश होती है कि उनके कमेंट्स पर प्रतिक्रिया स्वरुप कम से कम धन्यवाद जरुर दे दूँ क्यूँकी उनकी टिपण्णी मेरे लिए उर्जा का काम करती है |

LBW: ब्लोगिंग की कौन सी बात आपको सबसे ज्यादा बेहतर लगी?

शिवनाथ जी: सबसे अच्छी बात लगी कि आप अपने विचार स्वतंत्र रूप से दुनिया के सामने रख सकते हैं और इसके लिए आपको कहीं जाने कि जरुरत नहीं होती | और तो और लोग आपको पढ़ते हैं , समझते हैं और ऐसे कई मुद्दे होते हैं जिसपर सकारात्मक बहस भी होती है जो हमसबके लिए, हमारे समाज के लिए सही है | कई अच्छे अच्छे ब्लॉगर्स , उनके विचारों को पढने और समझने का मौका मिलता है |

LBW: आप किस ब्लॉग से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं?

शिवनाथ जी: ये तो बोल पाना बहुत मुश्किल है मेरे लिए, लेकिन हाँ मैं बहुत सारे ब्लॉगस पढ़ता रहता हूँ और उनमें से कई काफी अच्छे लगे | प्रश्न १०: आपकी पसंदीदा सोशल नेट्वर्किंग साइट कौन सी है| फिलहाल तो फेसबुक ….

LBW: क्या आप अपना फेसबुक, ट्विटर तथा गूगल+ का एड्रेस देंगे जिससे हमारे पाठक आपको फोलो कर सकें|

फेसबुक: http://www.facebook.com/shivnath.kumar.7

गूगल+ : https://plus.google.com/103816263131258981382

LBW: आप किन ब्लोगों को नियमित रूप से पढते है?

शिवनाथ जी: नियमित वाली ऐसी कोई बात नहीं है , बस पढ़ता रहता हूँ जो भी अच्छा लगता है |

LBW: आप नये ब्लोगरों को क्या सुझाव देना चाहेंगे?

शिवनाथ जी: गुस्ताखी के लिए माफ़ी 🙂 पर मैं भी एक तरह से नया बलॉगर ही हूँ इसलिए आपलोगों से ही सुझाव चाहूँगा |

LBW: हिन्दी ब्लोगरों से कोई खास शिकायत?

शिवनाथ जी: हाँ, कुछ हैं| जैसे कभी-कभी कुछ अनावश्यक के ऐसे मुद्दे उठाए जाते हैं जो समाज को बाँटने का काम करते हैं| हमें इससे परहेज करना चाहिए |

LBW: आप Learn By Watch से क्या उम्मीद करते हैं?

शिवनाथ जी: मैंने पहले भी इसकी काफी तारीफ़ की है और आज भी करता हूँ| बहुत ही सही जगह है कुछ सीखने के लिए| संवाद बिलकुल सीधा एवं सरल जो कोई भी समझ ले| आगे हम यही आशा करते हैं कि आप अपने इस प्रयास को जारी रखेंगे और ज्ञान बाँटते रहेंगे| मेरी ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ आपके साथ है| और अंत में मुझे याद रखने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद !!

LBW: शिवनाथ जी आपका कीमती समय देने के लिए आपका भी बहुत बहुत धन्यवाद, हम आशा करते हैं कि आपके नए नए लेख हमें नित्य मिलते रहेंगे| चलते चलते हमारे पाठकों को अपने कुछ ऐसे गीतों के बारे में बताइये जो आपको बहुत पसंद हैं

शिवनाथ जी: मुझे ये तीन रचनाये बहुत अच्छी लगती हैं, उम्मीद हैं आप सभी को पसंद आयेंगी|


Ph.D. (IIT Bombay), M.Tech., B.Tech. (CSE) Dr. Yogendra Pal finished his Ph.D. from Educational Technology department at IIT Bombay. Mr. Pal holds B.Tech. and M.Tech. Degrees in Computer Science and Engineering. His interests include programming, web development, graphic design and educational technology.

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