LBW: अपने बारे में कुछ बताएं
अशोक सलूजा: 1942 में पैदा हुआ ,बड़ी मुश्किल से दसवीं क्लास पास की … 1961 में रोज़ी-रोटी के फेर में पड़ गया … 2007 दिसम्बर में, मैंने अवकाश प्राप्त जीवन ग्रहण करके, अपने वनवास जीवन में प्रवेश कर गया|
एक सीधा, सरल साधारण इन्सान जिसके पास किसी किस्म की डिग्री नही है| शब्दों की कमी और अज्ञानता के कारण सरल बोलता हूँ, सरल समझता हूँ और सरल लिखता हूँ| पर हाँ … मैं ऐसा समझता हूँ कि मुझको जिन्दगी के थपेडों ने, मुझे अपने और दूसरों के एहसासों को महसूस करना अच्छी तरह से सिखाया है| शायद इसीलिये जाने-अनजाने, चाहते न चाहते मेरी जिन्दगी का इक फ़लसफ़ा सा बन गया है … – जो भी प्यार से मिला , हम उसी के हो लिये …
LBW: ब्लॉग बनाने का ख्याल कैसे आया?
अशोक सलूजा: अपना अकेलापन दूर करने के लिए इधर-उधर, घूमता-घामता यहाँ आ निकला| शुरू-शुरू में अख़बारों की कटिंग में पढ़ कर ध्यान इधर चला गया, दोस्तों का भी मेरा कोई सर्कल था नहीं……. अब अकेलापन भी नही अखरता, न किसी से शिकवा न किसी से शिकायत, मैं खाली रहते हुए भी व्यस्त|
LBW: आपके कितने ब्लॉग हैं सभी के बारे में हमारे पाठकों को बताइए|
अशोक सलूजा: अरे! योगेन्द्र भाई.. सिर्फ एक….वो है … यादें http://ashokakela.blogspot.in/

LBW: आप किन-किन बिषयों पर ब्लॉग लिखते हैं?
अशोक सलूजा: भाई जी … विषयों पर तो लेखक लिखते हैं| मैं तो अपना अकेलापन मिटाने के लिए कुछ भी लिखता हूँ| बस! जो मैं एहसास करता हूँ, उसे आप लेख, शायरी, नज्म गजल.कविता या फिर तुकबंदी जो चाहे आप नाम दें| हाँ !अपनी पसंद के पुराने फ़िल्मी नगमें ,और ग़ज़लें भी अपने पाठकों को सुनवाने की कोशिश करता हूँ|
LBW: क्या लेख लिखते समय आप कभी अटके हैं? फिर आपने क्या किया?
अशोक सलूजा: मेरे एहसास इतनी तेज़ी से जागते हैं कि मैं उनको उतनी तेज़ी से लिख नही पाता, इसलिए अटकता तो नहीं पर विषय से भटक जरूर जाता हूँ| इसलिए अब अपने लिखे को बार-बार पढता हूँ और कोशिश करता हूँ कि थोड़े में अपनी बात कह सकूं.. पर अज्ञानता के कारण कामयाब नही हो पाता| किसी का मेरी अज्ञानता के कारण दिल न दुःख जाये इसकी भरसक कोशिश करता हूँ|
LBW: क्या आप अपने ब्लॉग को मार्केट करते हैं? यदि हाँ तो उसके लिए आप किस तरीके का प्रयोग करते हैं?
अशोक सलूजा: बिल्कुल भी नहीं! न तो मुझे पहले पता था और न अब ,न ही जानने की इच्छा है| क्यों! मेरे पास ऐसा कुछ है ही नहीं|
LBW: एक ब्लोगर का अपने पाठकों से संवाद करना कितना जरूरी है? क्या आप अपने पाठकों के सभी कमेन्ट पर कमेन्ट करते हैं?
अशोक सलूजा: ये प्रश्न मेरे लिए मुश्किल है…. कोशिश करता हूँ.. कि इसके जवाब में भी मेरी इमानदारी झलके| अगर आप सच मानें तो…. जब मैंने ब्लाग बनाया तो ये मेरा तुक्का था, मुझे कुछ आता तो था नहीं, आज भी बस अपना काम चला लेता हूँ| मैं तो बस चोरी-छिपे कुछ अपने एहसास अपने आप से बडबडाता रहता था, और कुछ अपनी डायरी में लिखता था| फिर उसको सब से छुपा के रखता था, ये सब 1958 से चल रहा था| जब यहाँ आया तो एक या दो महीने के बाद अपने ब्लॉग पर दो-तीन अनुसरण करने वाले दिखे, अपनी टिप्पणी सहित| मैं! तो घबरा गया, अरे ये तो मेरे अलावा दूसरे लोग भी पढ़ सकते हैं मेरा लिखा| खैर…….. आप के प्रश्न का उत्तर :- जो आप को अच्छा लगे, आप की समझ में आए आप उसे और अच्छा लगने और लिखने के लिए प्रोत्साहित करें, बिन किसी उपेक्षा के… जो अच्छा न लगे, या अपनी अज्ञानता के कारण आप की समझ से बाहर हो, वहाँ कोई गलत टिप्पणी करने के बजाय पढ़ के वापस आना बेहतर है… और बहस के लेखो से बचाता हूँ मैं अपने आपको, ये मेरे अपने विचार है|

प्यार दो ,प्यार लो ,प्यार इकठा करो और बाँट दो …….

LBW: ब्लोगिंग की कौन सी बात आपको सबसे ज्यादा बेहतर लगी?
अशोक सलूजा: ब्लॉग की सब बातें बहुत अच्छी हैं, यहाँ आकर मुझे वो कुछ मिला, जो बाहर की दुनिया में नही मिला! इस ब्लाग की आभासी दुनिया में स्नेह, प्यार मान-सम्मान,रिश्ते, दोस्त, बहन,बेटी और कुछ आप जैसे …. जो हर समय, हर एक की तकनीकी मदद करने को तैयार रहते हैं| बगैर किसी घुटन के अपने दिल की बात खुल कर लिखने की आज़ादी
LBW: आप किस ब्लॉग से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं?
अशोक सलूजा: हर उस तकनीकी ब्लाग से, जिससे मैं सब कुछ सीख सका और सीख रहा हूँ ….जैसे कुछ नाम ये हैं….
तकनीकी हिन्दी में: http://www.hindi2tech.com
हिन्दी ब्लॉग टिप्स: http://tips-hindi.blogspot.in
जिंदगी के मेले: http://www.bspabla.com
योगेन्द्र पाल की सूचना प्रौद्यौगिकी डायरी: http://yogendra-soft.blogspot.in
ई-पंडित: http://epandit.shrish.in
टिप्स हिन्दी में: http://cityjalalabad.blogspot.com
जिसमे आप सबसे ऊपर हैं, मुझे याद है मैंने आप को बहुत तंग किया है, पर आप ने हमेशा बड़े सम्मान के साथ मेरा साथ दिया और मुझे फोन पर ही “वक्त को “वक्तह” लिखना सिखाया यानि कि आधा अक्षर…. और फोन पर ही मुझसे लिख कर बताने को कहा.. याद है आपको? आप की Learn By Watch से भी बहुत कुछ सीखने को मिला, आप वीडियो से बहुत अच्छा समझाते हैं, मेरे जैसे अनाड़ी भी सीख जाते हैं तो आप के शिष्यों की तो बात ही कुछ और होगी…. जो आप के सामने बैठ कर सीखते हैं|
LBW: आपकी पसंदीदा सोशल नेट्वर्किंग साइट कौन सी हैं?
अशोक सलूजा: अगर आप का मतलब फेसबुक, ट्विटर तथा गूगल+ से है तो मेरा खाता फेसबुक, ट्विटर पर तो है, पर मैं सिर्फ ब्लागर पर ही खुश हूँ| फेसबुक पर सिर्फ अपने बच्चों को मुबारक दे आता हूँ बस! फेसबुक वगैरह तो सिर्फ नौजवानों के लिए ही हैं या फिर जानी-मानी हस्तियों के लिए… मुझे तो गूगल+ पर भी काम करना नही आता…वहाँ के लिए आप का वीडियो देखूंगा|
LBW: क्या आप अपना फेसबुक, ट्विटर तथा गूगल+ का एड्रेस देंगे जिससे हमारे पाठक आपको फोलो कर सकें|
अशोक सलूजा: मैं अपने बच्चों से ई-मेल पर ही सब बात कर लेता हूँ…फेसबुक के बारे में मैंने आप को उपर बता दिया है|
LBW: आप किन ब्लोगों को नियमित रूप से पढते हैं?
अशोक सलूजा: मैं अपने सब ब्लॉग को नियमित रूप से पढता हूँ. और टिप्पणी भी करता हूँ ….सब अपने आप में मेरे लिए विशेष स्थान रखते हैं इनसे भी समय-समय पर मैंने बहुत कुछ सीखा है और सीख रहा हूँ| सब से बहुत मान-सम्मान मिलता है|
LBW: आप नये ब्लोगरों को क्या सुझाव देना चाहेंगे?
अशोक सलूजा: मैं तो खुद सुझाव मांगता हूँ, सुझाव क्या दूँ, फिर भी मेरे जैसे हर नए ब्लोगर को सबसे पहले आप और आप जैसों बच्चों के तकनीकी ब्लॉग और आप के बनाये वीडियो देखें| उनको बहुत कुछ घर बैठे सीखने को मिलेगा और अकेलेपन से भी मुक्ति…. नयी पीढ़ी से तो हम सीख रहे हैं ..हम उनको क्या सुझाव दें?
LBW: हिन्दी ब्लोगरों से कोई खास शिकायत
अशोक सलूजा: किसी से कोई शिकायत नही ,बहुत कुछ मिला यहाँ से, जो मुझे मेरे संसार में नही मिला| हाँ! यहाँ ब्लॉग की दुनिया में ज्यादा तादाद महिलाओं की है ऐसा मैंने महसूस किया और शायद इसलिए मुझे मेरी बेटियों और बहनों का स्नेह ज्यादा मिला| बाकी जो भी हैं वो भी बहुत सुलझे और समझदार हैं, सब एक-दूसरे की पूरी इज्ज़त करते हैं| मैं तो यहाँ बहुत खुश हूँ सबसे, और कोशिश करूँगा कि किसी का भी मेरे कारण दिल न दुखे…….
LBW: आप Learn By Watch से क्या उम्मीद करते हैं?
अशोक सलूजा: बहुत सारी उम्मीदें हैं आपसे और आप के इस Learn By Watch से, आप ने बहुत कुछ किया है सब के लिए और कर रहे हैं… ये एक लोकसेवा है, इस का मीठा फल आप को चखने को जरूर मिलेगा| इसी लगन से आगे बढते रहिये| कामयाबी आप के कदम चूमेगी, आप की सोची हुई सारी इच्छाएं पूरी होंगी| ये मेरा दिल से आप को आशीर्वाद है! आप सब खुश और स्वस्थ रहें! जिन्दगी में हमेशा तरक्की करें! मुझे याद करने का और मेरे बारे में सोचने के लिए आभार!!

जो बुरा लगे, उसे भूल जा जो अच्छा लगे, उसे याद रख जो कढवा लगे, उसे थूक दे जो मीठा लगे, उसे और चख ||
-अशोक सलूजा!

—-
यह एक प्रयास है आपके सामने उन ब्लोगरों को आपके सामने लाने का जिनसे ब्लॉग जगत अभी तक वाकिफ नहीं है, हमें उम्मीद है कि हमारे इस प्रयास से हम ब्लोगरों की हौसला अफजाई करके उनको और भी बेहतर करने के लिए प्रेरित कर सकेंगे,  LBW अशोक सलूजा जी का कीमती समय देने के लिए तहे-दिल से शुक्रिया अदा करता है|
यदि आप भी एक ब्लोगर हैं और आपका ब्लॉग भी अभी तक अन्य ब्लोगरों की नज़रों से छुपा हुआ है तो हमें ई-मेल कीजिये [email protected](link sends e-mail) पर – धन्यवाद|


Ph.D. (IIT Bombay), M.Tech., B.Tech. (CSE) Dr. Yogendra Pal finished his Ph.D. from Educational Technology department at IIT Bombay. Mr. Pal holds B.Tech. and M.Tech. Degrees in Computer Science and Engineering. His interests include programming, web development, graphic design and educational technology.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.